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रिश्वतखोर तंत्र और भूमाफियाओं के आगे बेबस विधवा, न्याय नहीं मिला तो पूरे परिवार के साथ करेगी आत्मदाह

रिश्वतखोर तंत्र और भूमाफियाओं के आगे बेबस विधवा, न्याय नहीं मिला तो पूरे परिवार के साथ करेगी आत्मदाह



व्यवस्था को खुली चेतावनी, न्याय दो या लाशें लो


लखीमपुर खीरी/पलिया कलां।प्रशासनिक संवेदनहीनता और भ्रष्टाचार ने एक विधवा महिला को इस कदर तोड़ दिया है कि अब उसने न्याय के बदले मौत को गले लगाने का मन बना लिया है। तहसील पलिया के ग्राम नगला की निवासी संजीदा बेगम अपनी ही पुश्तैनी ज़मीन के लिए दर दर की ठोकरें खा रही हैं, लेकिन लेखपाल से लेकर कानूनगो तक, सब के सब तमाशबीन बने बैठे हैं हैरानी की बात यह है कि उपजिलाधिकारी द्वारा पैमाइश के आदेश दिए जाने के बावजूद महीनों से लेखपाल और कानूनगो पीड़िता को चक्कर कटवा रहे हैं। 24 जून 2025 को गठित टीम ने फसल का बहाना बनाकर काम टाला, और जब 4 अप्रैल 2026 को टीम मौके पर पहुंची, तो लेखपाल और कानूनगो ने अपनी ज़िम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए साफ कह दिया कि कब्जा खुद ले लो, हमसे नहीं हो पाएगा। सवाल यह उठता है कि अगर जनता को अपना हक खुद ही छीनना है, तो सरकार ने इन सफेदपोश कर्मचारियों को कुर्सियों पर क्यों बिठा रखा है?पीड़िता का आरोप है कि गांव के ही साहिद और गुड्डू ने उसकी करीब 30 डिसमिल ज़मीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। जब महिला अपना हक मांगती है, तो उसे गाली गलौज और जान से मारने की धमकियां दी जाती हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि दबंगों की इस गुंडागर्दी को लेखपाल और कानूनगो का मौन समर्थन प्राप्त है। पीड़िता ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि बिना रिश्वत के इस भ्रष्ट व्यवस्था में न्याय मिलना नामुमकिन हो गया है। न्याय की उम्मीद खो चुकी संजीदा बेगम ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार ने पूरी व्यवस्था को जकड़ लिया है। यदि उन्हें उनकी भूमि गाटा संख्या 1003 पर कब्जा नहीं दिलाया गया, तो वह अपने पूरे परिवार के साथ आत्महत्या करने को मजबूर होंगी, जिसकी पूरी ज़िम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।


श्री न्यूज़ 24/अदिति न्यूज़ से UP हेड मनोज प्रजापति की खास रिपोर्ट

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