रायपुर वाटर सप्लाई स्कीम प्रकरण: बकाया भुगतान को लेकर जल निगम का पक्ष आया सामने, ‘नो ड्यूज’ पूरा करने पर मिलेगा भुगतान।
रायपुर वाटर सप्लाई स्कीम प्रकरण: बकाया भुगतान को लेकर जल निगम का पक्ष आया सामने, ‘नो ड्यूज’ पूरा करने पर मिलेगा भुगतान।
श्री न्यूज़ 24 से जिला ब्यूरो चीफ शुकुल बाजार अमेठी संत राम शुक्ला
अमेठी। रायपुर वाटर सप्लाई स्कीम में वेतन भुगतान को लेकर उठे विवाद पर उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) ने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा है कि पूर्व ऑपरेटर विराट सिंह की बकाया धनराशि भुगतान के लिए सुरक्षित रखी गई है, लेकिन भुगतान की प्रक्रिया आवश्यक औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण लंबित है। विभाग ने संबंधित कर्मचारी से ‘नो ड्यूज’ प्रक्रिया पूर्ण कर अपनी वैधानिक देय राशि प्राप्त करने की अपील की है।
अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण) ए.के. राव ने बताया कि गत 02 मई 2026 को तहसील अमेठी में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में रायपुर वाटर सप्लाई स्कीम के ऑपरेटर रहे विराट सिंह ने वेतन भुगतान न होने संबंधी शिकायत प्रस्तुत की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर विभाग एवं संबंधित कार्यदायी संस्था द्वारा मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई।
उन्होंने बताया कि संबंधित फर्म के प्रतिनिधियों ने लगातार तीन से चार दिनों तक रायपुर पहुंचकर विराट सिंह से संपर्क स्थापित किया और उनके द्वारा बताए गए करीब ₹72 हजार के अंतिम देय भुगतान के निस्तारण हेतु आवश्यक ‘नो ड्यूज’ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने का प्रयास किया। किंतु, विभागीय अधिकारियों के अनुसार संबंधित कर्मचारी ने न तो दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए और न ही भुगतान प्राप्त करने के लिए जरूरी औपचारिकताओं को पूरा किया।
जल निगम के अनुसार सेवा समाप्त होने के बाद भी विराट सिंह द्वारा प्रतिदिन परियोजना स्थल पर पहुंचकर कार्यों में व्यवधान उत्पन्न किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे जलापूर्ति परियोजना के संचालन में कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं।
प्रकरण की जांच के दौरान नौकरी दिलाने के नाम पर धन के लेन-देन की बात भी सामने आई। अधिशासी अभियंता ने बताया कि इस मामले में संबंधित फर्म ने पहले ही कार्रवाई करते हुए गौरव श्रीवास्तव एवं नीरज सिंह को सेवा से पृथक कर दिया था। जांच में यह तथ्य भी प्रकाश में आया कि विराट सिंह द्वारा भी कथित रूप से धनराशि देकर नौकरी प्राप्त की गई थी, जिसके आधार पर उन्हें भी सेवा से हटा दिया गया। इस बीच, मामले के दौरान संबंधित फर्म के एक कर्मचारी द्वारा आपत्तिजनक धमकी दिए जाने की शिकायत पर कंपनी ने संज्ञान लेते हुए संबंधित डीपीएम को अंतिम चेतावनी पत्र जारी किया है।
अधिशासी अभियंता ने बताया कि कंपनी ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए गत सप्ताह विराट सिंह के खाते में एक माह का अतिरिक्त वेतन भी भेजा है। इसके बावजूद उनके द्वारा कार्यस्थल खाली नहीं किया जा रहा है तथा वे अपने पूर्व रुख पर कायम हैं। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि विराट सिंह की लगभग ₹64 हजार की बकाया धनराशि जल निगम कार्यालय में डिमांड ड्राफ्ट के रूप में सुरक्षित रखी गई है। विभाग की ओर से उनसे अपील की गई है कि वे ‘नो ड्यूज’ प्रक्रिया पूरी कर परियोजना स्थल खाली करें और अपनी वैधानिक देय राशि प्राप्त करें।
जल निगम (ग्रामीण) एवं संबंधित कार्यदायी संस्था ने कहा है कि रायपुर वाटर सप्लाई स्कीम के कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने तथा प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कार्यवाहियां नियमानुसार की जा रही हैं।

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