200 वर्ष पुराने इमामबाड़े को लेकर बढ़ा विवाद, अतिक्रमण और धमकी के आरोप; जांच व कार्रवाई की मांग
200 वर्ष पुराने इमामबाड़े को लेकर बढ़ा विवाद, अतिक्रमण और धमकी के आरोप; जांच व कार्रवाई की मांग
लखीमपुर खीरी। कस्बा खीरी स्थित लगभग 200 वर्ष पुराने ऐतिहासिक इमामबाड़े एवं इमाम चौक को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर इमामबाड़ा परिसर में कथित अतिक्रमण, अवैध निर्माण तथा विरोध करने वालों को धमकाने के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार मोहल्ला खत्री टोला स्थित यह इमामबाड़ा वर्षों से मोहर्रम, ताजियादारी एवं अन्य धार्मिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र रहा है। आरोप है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा इमामबाड़ा परिसर एवं इमाम चौक के आसपास दीवार निर्माण और दुकान बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे धार्मिक कार्यक्रमों के संचालन में बाधा उत्पन्न हो सकती है तथा क्षेत्र की धार्मिक भावनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
स्थानीय लोगों द्वारा उपजिलाधिकारी सदर को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि मोबिन अहमद पुत्र शहजाद अहमद, मोईद अहमद पुत्र मोबिन अहमद, इमरान तथा उनके साथ आए कुछ अन्य लोग कथित रूप से इमामबाड़ा परिसर पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि विरोध करने पर कस्बावासियों को धमकियां दी जा रही हैं और क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं आरोप लगाया गया है कि अवैध निर्माण का विरोध करने पर संबंधित पक्ष द्वारा गाली-गलौज, धमकी एवं अभद्र व्यवहार किया गया। शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि कथित रूप से शस्त्र प्रदर्शन कर भय का वातावरण बनाने का प्रयास किया गया तथा महिलाओं और लड़कियों को आगे कर विरोध करने वालों के विरुद्ध झूठे मुकदमे दर्ज कराने की धमकियां दी गईं।
प्रार्थीगण ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने, एफआईआर दर्ज करने तथा ऐतिहासिक धार्मिक स्थल को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है। साथ ही प्रशासन से धार्मिक कार्यक्रमों के शांतिपूर्ण एवं सुचारु संचालन हेतु उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इमामबाड़ा केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर भी है, जिसकी सुरक्षा और संरक्षण आवश्यक है।

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