सड़क नहीं समस्या का मार्ग: तिलोई के नरायनपुर में 20 साल से बदहाल है मुख्य मार्ग, ग्रामीणों में भारी आक्रोश
सड़क नहीं समस्या का मार्ग: तिलोई के नरायनपुर में 20 साल से बदहाल है मुख्य मार्ग, ग्रामीणों में भारी आक्रोश
सुनील चौरसिया डिप्टी मंडल
ब्यूरो अयोध्या श्री न्यूज़ 24
अधिकारियों के वादे साबित हुए खोखले, बारिश के मौसम में जलभराव और हादसों का सता रहा डर
तिलोई, (अमेठी)।
ब्लॉक तिलोई के अंतर्गत आने वाली कूरा ग्राम सभा के राजस्व गांव नरायनपुर में विकास के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। गांव को तिलोई मुख्यालय से जोड़ने वाली मुख्य खडंजा सड़क पिछले 20 वर्षों से बदहाली का दंश झेल रही है। दो दशकों से 'जस की तस' पड़ी इस जर्जर सड़क के कारण स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भारी आक्रोश है।
चार महीने पहले मिला आश्वासन निकला हवा-हवाई
ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि करीब 4 महीने पहले ग्राम विकास अधिकारी (सेक्रेटरी) सुशील सिंह ने सड़क पर मिट्टी डलवाने और इसे दुरुस्त कराने का ठोस आश्वासन दिया था। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी धरातल पर एक तसला मिट्टी तक नहीं डाली गई। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग केवल एक रास्ता नहीं, बल्कि उनके लिए ब्लॉक मुख्यालय तक पहुँचने वाली प्रमुख लाइफलाइन है। उखड़े हुए पत्थरों और गहरे गड्ढों के कारण आए दिन लोग यहाँ चोटिल हो रहे हैं. आने वाले दिनों में बारिश का मौसम शुरू होने वाला है। ऐसे में ग्रामीणों को डर सता रहा है कि जर्जर मार्ग पर जलभराव और कीचड़ की वजह से स्थिति और अधिक दयनीय हो जाएगी। पैदल चलना तो दूर, वाहनों का निकलना भी दूभर हो जाएगा। ग्रामीणों ने दर्द बयां करते हुए कहा:
"यह हमारे गांव का दुर्भाग्य है कि मुख्यालय को जोड़ने वाली इतनी महत्वपूर्ण सड़क 20 साल से जर्जर पड़ी है। अधिकारी सिर्फ खोखले आश्वासन देते हैं, धरातल पर हमारी सुध लेने वाला कोई नहीं है।"
इस संबंध में जब सीडीओ (CDO) अमेठी से बात की गई, तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि वह जल्द ही इस संबंध में खंड विकास अधिकारी (BDO) से बात करके समस्या का स्थलीय निराकरण करवाएंगी।
फिलहाल, ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और उच्चाधिकारियों से मांग की है कि मामले को तत्काल संज्ञान में लिया जाए, सेक्रेटरी के खोखले वादों की जांच हो और सड़क का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू कराया जाए।

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