मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के तहत 80 हजार रुपये तक अनुदान, 10 जुलाई तक करें ऑनलाइन आवेदन
मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के तहत 80 हजार रुपये तक अनुदान, 10 जुलाई तक करें ऑनलाइन आवेदन
अमेठी। जनपद के पशुपालकों एवं दुग्ध उत्पादकों के लिए मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के अंतर्गत उन्नत नस्ल की स्वदेशी गायों के पालन हेतु अनुदान प्राप्त करने का सुनहरा अवसर उपलब्ध कराया गया है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जी.के. शुक्ला ने बताया कि योजना के तहत दो स्वदेशी उन्नत नस्ल की गायों की इकाई स्थापित करने पर लाभार्थियों को लागत का 40 प्रतिशत अथवा अधिकतम 80 हजार रुपये तक अनुदान प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना प्रदेश के सभी 75 जनपदों में संचालित की जा रही है। योजना का उद्देश्य स्वदेशी नस्ल की गायों के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन बढ़ाकर पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है। योजना के अंतर्गत बाह्य प्रदेशों से गिर, साहीवाल, थारपारकर एवं हरियाणा प्रजाति की उन्नत स्वदेशी गायों के क्रय पर अनुदान दिया जाएगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि योजना में महिलाओं को विशेष प्राथमिकता प्रदान की गई है तथा निर्धारित लक्ष्य का 50 प्रतिशत चयन महिला दुग्ध उत्पादकों एवं गौपालकों से किया जाएगा। योजना के अंतर्गत क्रय की जाने वाली गाय प्रथम अथवा द्वितीय ब्यांत की होना अनिवार्य है, जिससे लाभार्थियों को बेहतर दुग्ध उत्पादन प्राप्त हो सके। उन्होंने बताया कि इच्छुक पशुपालक नन्द बाबा दुग्ध मिशन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 11 जून 2026 से प्रारम्भ हो चुकी है तथा आवेदन की अंतिम तिथि 10 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। योजना से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश, पात्रता एवं अन्य आवश्यक जानकारियां पोर्टल पर उपलब्ध हैं। डॉ. शुक्ला ने बताया कि योजना के संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए इच्छुक व्यक्ति मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय, उप दुग्धशाला विकास अधिकारी कार्यालय अथवा मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने जनपद के पशुपालकों से अपील करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना का लाभ उठाकर उन्नत नस्ल की गायों का पालन करें तथा दुग्ध उत्पादन बढ़ाकर अपनी आय में वृद्धि करें। उन्होंने कहा कि गौपालन न केवल आर्थिक समृद्धि का माध्यम है, बल्कि ग्रामीण परिवारों की आजीविका को मजबूत बनाने का भी प्रभावी साधन है।
यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के साथ

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