कृषि आवंटित भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप, ग्राम प्रधान पर जबरन मकान निर्माण कराने की कोशिश; पीड़ित ने प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार
कृषि आवंटित भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप, ग्राम प्रधान पर जबरन मकान निर्माण कराने की कोशिश; पीड़ित ने प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार
अमेठी की तहसील तिलोई अंतर्गत थाना शिवरतनगंज क्षेत्र के ग्राम सभा पेडारा में कृषि आवंटित भूमि पर कथित अवैध कब्जे का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। गांव के एक पीड़ित परिवार ने ग्राम प्रधान पर गाटा संख्या 167 की कृषि आवंटित भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर पक्का मकान निर्माण कराने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है तथा पीड़ित ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराकर न्याय दिलाने की मांग की है।पीड़ित के अनुसार गाटा संख्या 167 की उक्त भूमि शासन द्वारा कृषि प्रयोजन के लिए विधिवत आवंटित की गई थी और वह लंबे समय से उसके कब्जे एवं उपयोग में रही है। आरोप है कि हाल के दिनों में ग्राम प्रधान ने अपने प्रभाव और पद का दुरुपयोग करते हुए उक्त भूमि पर कब्जा करने की नीयत से निर्माण सामग्री मंगवाकर मकान निर्माण की तैयारी शुरू कर दी। जब पीड़ित ने इसका विरोध किया तो उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया और कथित रूप से दबाव बनाकर निर्माण कार्य कराने का प्रयास किया गया।
पीड़ित का कहना है कि उसने कई बार ग्राम प्रधान एवं संबंधित लोगों से बातचीत कर विवाद को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद उसने संबंधित राजस्व अधिकारियों, तहसील प्रशासन तथा पुलिस से शिकायत कर भूमि की पैमाइश, अभिलेखों की जांच और निर्माण कार्य तत्काल रुकवाने की मांग की।
पीड़ित का आरोप है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो उसकी वर्षों पुरानी कृषि भूमि पर स्थायी निर्माण हो जाएगा, जिससे उसे अपूरणीय क्षति पहुंचेगी। उसने मांग की है कि मौके पर राजस्व टीम भेजकर गाटा संख्या 167 की पैमाइश कराई जाए, वास्तविक स्वामित्व एवं कब्जे की जांच की जाए तथा यदि अवैध कब्जे या निर्माण का प्रयास पाया जाता है तो उसे तत्काल हटाकर संबंधित लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में भूमि संबंधी विवाद लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे मामलों में समय पर निष्पक्ष जांच और प्रशासनिक कार्रवाई न होने से विवाद गहराते हैं तथा सामाजिक सौहार्द भी प्रभावित होता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्य सामने लाने और किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न होने देने की मांग की है।
पीड़ित ने जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी तिलोई, तहसील प्रशासन तथा पुलिस विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने, अवैध निर्माण पर रोक लगाने और उसकी कृषि आवंटित भूमि को सुरक्षित कराने की मांग की है।समाचार लिखे जाने तक ग्राम प्रधान एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका था। यह समाचार पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोपों एवं उपलब्ध शिकायत के आधार पर तैयार किया गया है। संबंधित पक्ष का बयान प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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