पुश्तैनी भूमि पर कब्जे के प्रयास का आरोप, विरोध करने पर मारपीट व जान से मारने की धमकी; पीड़ित ने डीएम से लगाई न्याय की गुहार
पुश्तैनी भूमि पर कब्जे के प्रयास का आरोप, विरोध करने पर मारपीट व जान से मारने की धमकी; पीड़ित ने डीएम से लगाई न्याय की गुहार
जनपद अमेठी के तहसील मुसाफिरखाना अंतर्गत थाना जगदीशपुर क्षेत्र के ग्राम रूदापुर मजरे अतवारा में पुश्तैनी भूमि को लेकर गंभीर विवाद का मामला सामने आया है। गांव निवासी भगवान पुत्र स्वर्गीय कर्मदास ने जिलाधिकारी अमेठी को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर गांव के कुछ लोगों पर उसकी पैतृक भूमि एवं मकान पर अवैध कब्जा करने का प्रयास करने, विरोध करने पर मारपीट करने तथा परिवार सहित जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।पीड़ित भगवान का कहना है कि गांव की आबादी में स्थित उसका पुश्तैनी मकान, सहन तथा उससे संबंधित भूमि कई वर्षों से उसके कब्जे और उपयोग में है। यह संपत्ति उसके पूर्वजों की निशानी है, जिस पर उसका वैधानिक एवं पुश्तैनी अधिकार है। इसके बावजूद कुछ दबंग और प्रभावशाली लोग कथित रूप से उसकी भूमि पर जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।पीड़ित के अनुसार आरोपितों ने हाल ही में उसकी भूमि पर निर्माण कार्य शुरू करने तथा कब्जा करने का प्रयास किया। जब उसने इसका विरोध किया और अपने अधिकारों की बात कही, तो विपक्षी पक्ष के लोगों ने उसके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। मामला बढ़ने पर कथित रूप से उसके साथ मारपीट की गई, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। पीड़ित का आरोप है कि मारपीट के दौरान उसके सिर एवं शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं, जिसके कारण उसे काफी पीड़ा झेलनी पड़ी।
भगवान ने अपने शिकायती पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि घटना के बाद से विपक्षी पक्ष लगातार उसे और उसके परिवार को भयभीत करने का प्रयास कर रहा है। आरोप है कि दबंग लोग खुलेआम धमकी दे रहे हैं कि वे किसी भी कीमत पर उसकी जमीन पर कब्जा करके रहेंगे और यदि उसने विरोध किया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इतना ही नहीं, पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि उसे झूठे मुकदमों में फंसाने तथा एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत झूठा मामला दर्ज कराने की धमकी भी दी जा रही है।
पीड़ित का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों और दबाव के कारण उसका पूरा परिवार भय के माहौल में जीवन यापन करने को मजबूर है। परिवार के सदस्यों को अपनी सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। उनका आरोप है कि यदि समय रहते प्रशासन द्वारा हस्तक्षेप नहीं किया गया तो उसकी पुश्तैनी संपत्ति पर अवैध कब्जा हो सकता है, जिससे उसे अपूरणीय क्षति पहुंचेगी।
मामले को गंभीर बताते हुए भगवान ने जिलाधिकारी अमेठी से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उसकी भूमि पर किए जा रहे कथित अवैध कब्जे के प्रयास को तत्काल प्रभाव से रोका जाए। साथ ही उसने अपने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की भी मांग की है।ग्रामीणों के बीच भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का मानना है कि भूमि विवाद से जुड़े मामलों में समय पर प्रशासनिक हस्तक्षेप आवश्यक होता है, अन्यथा ऐसे विवाद कभी-कभी गंभीर रूप धारण कर लेते हैं। लोगों का कहना है कि निष्पक्ष जांच और कानून सम्मत कार्रवाई से ही पीड़ित को न्याय मिल सकेगा तथा क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहेगी।
फिलहाल मामला प्रशासन के संज्ञान में पहुंच चुका है। अब देखना यह होगा कि जिलाधिकारी अमेठी एवं संबंधित राजस्व तथा पुलिस विभाग के अधिकारी इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करते हैं और पीड़ित को कब तक न्याय मिल पाता है।
पीड़ित: भगवान पुत्र स्वर्गीय कर्मदास निवासी: ग्राम रूदापुर मजरे अतवारा, थाना जगदीशपुर, तहसील मुसाफिरखाना, जनपद अमेठी आरोप: पुश्तैनी भूमि पर अवैध कब्जे का प्रयास, मारपीट, जान से मारने की धमकी एवं झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी
मांग: निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई, भूमि की सुरक्षा एवं परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। :::
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यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के साथ

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