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अनशन के 20वें दिन भी अडिग रहे सोनम वांगचुक, बिगड़ी सेहत के बीच सरकार से संवाद की मांग तेज

 अनशन के 20वें दिन भी अडिग रहे सोनम वांगचुक, बिगड़ी सेहत के बीच सरकार से संवाद की मांग तेज



मयंक गुप्ता

श्री न्यूज 24/अदिति न्यूज


नई दिल्ली, 17 जुलाई। शिक्षा सुधारक एवं पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुक्रवार को 20वें दिन में प्रवेश कर गया। लगातार 20 दिनों से जारी इस अनशन के कारण उनकी स्वास्थ्य स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। चिकित्सकों ने बताया कि उनका वजन 9 किलोग्राम से अधिक घट चुका है और यदि अनशन लंबा चला तो शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। 

सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से कोई ठोस पहल या सकारात्मक आश्वासन नहीं मिलता, तब तक वे अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे। उन्होंने समर्थकों से अपील की है कि वे उनसे अनशन तोड़ने का आग्रह करने के बजाय 20 जुलाई को प्रस्तावित "चलो संसद" मार्च में शांतिपूर्वक शामिल होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करें। 

वांगचुक के डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल वे होश में हैं, लेकिन अत्यधिक कमजोरी, लगातार वजन घटने और लंबे उपवास के कारण उनकी स्थिति बेहद संवेदनशील हो गई है। डॉक्टरों की टीम नियमित रूप से उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क है। 

इस बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने भी प्रशासन को निर्देश दिया है कि वांगचुक के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जाए और यदि चिकित्सकीय रूप से आवश्यकता महसूस हो तो विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार उचित कदम उठाए जाएं। अदालत ने कहा कि किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप केवल चिकित्सा विशेषज्ञों की राय के आधार पर किया जाना चाहिए। 

वांगचुक के समर्थन में देश के विभिन्न हिस्सों से सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र संगठन, शिक्षाविद और कई सार्वजनिक हस्तियां खुलकर सामने आ रही हैं। कई लोगों ने सरकार से अपील की है कि टकराव की स्थिति से बचते हुए शीघ्र वार्ता शुरू की जाए ताकि आंदोलन का शांतिपूर्ण समाधान निकल सके। 

अब सभी की निगाहें 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च और सरकार की संभावित प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। यदि जल्द कोई सकारात्मक पहल नहीं होती है, तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।

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