अमेठी: गांव भदमर नबीगंज में 60 वर्षों से रह रहे परिवार का मकान जेसीबी से गिराए जाने की आशंका, पीड़ित ने कहा- तहसील प्रशासन ने आज तक कोई नोटिस नहीं दिया
अमेठी: गांव भदमर नबीगंज में 60 वर्षों से रह रहे परिवार का मकान जेसीबी से गिराए जाने की आशंका, पीड़ित ने कहा- तहसील प्रशासन ने आज तक कोई नोटिस नहीं दिया
जनपद अमेठी की तहसील तिलोई अंतर्गत ग्राम सभा भदमर नबीगंज निवासी पीर बख्श ने अपने मकान को लेकर जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि उन्हें विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली है कि उनके मकान को जेसीबी मशीन से गिराए जाने की तैयारी की जा रही है। इस सूचना के बाद से उनके परिवार में भय और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।पीर बख्श ने बताया कि वह पिछले लगभग 60 वर्षों से अपने परिवार और बच्चों के साथ उक्त स्थान पर निवास कर रहे हैं। उनका कहना है कि इसी मकान में उनका पूरा परिवार वर्षों से रहकर जीवन-यापन कर रहा है और यही उनके परिवार का एकमात्र आशियाना है। यदि बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया का पालन किए मकान गिरा दिया गया तो उनका परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो जाएगा।
पीड़ित के अनुसार, जिस भूमि को लेकर विवाद बताया जा रहा है, उसका मामला तहसील न्यायालय में विचाराधीन है। उनका कहना है कि न्यायालय में मुकदमा लंबित होने के बावजूद मकान गिराने की चर्चा से पूरा परिवार मानसिक तनाव में है। उन्होंने कहा कि जब तक न्यायालय का अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक किसी भी प्रकार की ध्वस्तीकरण कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।पीर बख्श का यह भी आरोप है कि तहसील प्रशासन की ओर से उन्हें आज तक किसी भी प्रकार का लिखित नोटिस, बेदखली आदेश या ध्वस्तीकरण संबंधी सूचना नहीं दी गई है। उनका कहना है कि न तो उन्हें कोई नोटिस प्राप्त हुआ है और न ही अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। इसके बावजूद यदि जेसीबी चलाकर मकान गिराने की कार्रवाई की जाती है तो यह उनके साथ अन्याय होगा।पीड़ित ने बताया कि उन्होंने पूरे मामले से संबंधित दस्तावेज सुरक्षित रखे हैं और न्यायालय में अपना पक्ष रख रहे हैं। उनका कहना है कि वह कानून का सम्मान करते हैं और न्यायालय के निर्णय का पालन करेंगे, लेकिन बिना नोटिस और बिना न्यायिक प्रक्रिया पूरी किए किसी भी प्रकार की कार्रवाई उचित नहीं होगी।पीर बख्श ने उत्तर प्रदेश सरकार, जिलाधिकारी अमेठी, उपजिलाधिकारी तिलोई, तहसील प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा न्यायालय में लंबित वाद का अंतिम निर्णय आने तक उनके मकान के विरुद्ध किसी भी प्रकार की ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि यदि प्रशासन कोई कार्रवाई करना चाहता है तो पहले विधि के अनुसार नोटिस जारी कर उन्हें अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाए।पीड़ित ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका और प्रशासन पर भरोसा है तथा उम्मीद है कि कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रशासन से अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार की जल्दबाजी में कार्रवाई न करने की अपील की है।हालांकि, इस संबंध में तहसील प्रशासन का पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका है। प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के साथ

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