खुरपका-मुंहपका टीकाकरण अभियान के आठवें चरण का शुभारंभ, 8 सितंबर तक चलेगा विशेष अभियान
खुरपका-मुंहपका टीकाकरण अभियान के आठवें चरण का शुभारंभ, 8 सितंबर तक चलेगा विशेष अभियान
अमेठी। जनपद में पशुओं को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) जैसी गंभीर संक्रामक बीमारी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से बुधवार को खुरपका-मुंहपका टीकाकरण अभियान के आठवें चरण का शुभारंभ कलेक्ट्रेट परिसर से जिलाधिकारी संजय चौहान द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। यह विशेष अभियान 22 जुलाई 2026 से 8 सितंबर 2026 तक संचालित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत जनपद के गौवंशीय एवं महिषवंशीय पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान मिर्जापुर मंडल की अपर निदेशक पशुपालन डॉ. हेमलता शर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जी.के. शुक्ला, जनपद के समस्त उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी एवं पशु चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी टीकाकरण दल अपने-अपने राजकीय वाहनों तथा आवश्यक वैक्सीन एवं उपकरणों के साथ अभियान के लिए रवाना हुए। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जी.के. शुक्ला ने बताया कि 19वीं पशुगणना के अनुसार जनपद अमेठी में कुल पशुओं की संख्या लगभग 6 लाख 58 हजार है, जिसमें करीब 3 लाख 15 हजार गौवंशीय तथा 3 लाख 42 हजार महिषवंशीय पशु शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 20वीं पशुगणना के आधिकारिक आंकड़े अभी प्राप्त नहीं हुए हैं, किंतु प्रारंभिक आकलन के अनुसार पशुओं की संख्या में लगभग 25 प्रतिशत की कमी दर्ज होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए जनपद में 53 टीकाकरण टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें पूर्व निर्धारित रोस्टर के अनुसार गांव-गांव पहुंचकर पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण करेंगी। अभियान के लिए अब तक जनपद को 3 लाख 99 हजार 250 डोज वैक्सीन प्राप्त हो चुकी हैं तथा वैक्सीन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कोल्ड चेन व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है। डॉ. शुक्ला ने पशुपालकों से अपील करते हुए कहा कि खुरपका-मुंहपका एक अत्यंत संक्रामक एवं विषाणुजनित रोग है, जो पशुओं के स्वास्थ्य के साथ-साथ उनकी दुग्ध उत्पादन क्षमता को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। इस बीमारी के कारण पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए सभी पशुपालक अपने पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण अवश्य कराएं तथा पशुओं के कानों में टैग लगवाकर उनका पंजीकरण भी सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी संजय चौहान ने अभियान के सफल संचालन के लिए पशुपालन विभाग की टीमों को निर्देशित किया कि प्रत्येक पशु तक टीकाकरण की सुविधा पहुंचाई जाए तथा अभियान के प्रति पशुपालकों को अधिक से अधिक जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि पशुधन किसानों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है और पशुओं को रोगमुक्त रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। पशुपालन विभाग ने जनपद के सभी पशुपालकों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा है कि टीकाकरण दल के गांव पहुंचने पर अपने पशुओं को उपलब्ध कराएं, ताकि शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके और जनपद को खुरपका-मुंहपका रोग से सुरक्षित बनाया जा सके।
यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के लिए

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