पलिया देहात में गहराया पेयजल संकट, अधिकारियों की लापरवाही से जनता बेहाल; आंदोलन की चेतावनी
पलिया देहात में गहराया पेयजल संकट, अधिकारियों की लापरवाही से जनता बेहाल; आंदोलन की चेतावनी
श्रीन्यूज़ 24 अदिति न्यूज़ से डिप्टी up हेड संजीव झांजी की खास रिपोर्ट
लखीमपुर खीरी/पलिया देहात। पलिया देहात में पिछले कई महीनों से गहराया पेयजल संकट अब गंभीर रूप ले चुका है। गांव की बड़ी आबादी बूंद-बूंद पानी के लिए जूझ रही है, जबकि ग्रामीणों की प्यास बुझाने वाली पानी की टंकी का बोरवेल पूरी तरह फेल हो चुका है। इसके चलते लोगों को मजबूरी में नगर पालिका की पानी आपूर्ति और निजी हैंडपंपों व नलों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
ग्रामीणों की शिकायत पर क्षेत्रीय विधायक रोमी साहनी ने संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर समस्या का तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए थे। अधिकारियों ने विधायक को दो दिन के भीतर बोरवेल का रिबोर कार्य शुरू कराने का आश्वासन भी दिया, लेकिन यह वादा सिर्फ कागजों तक सीमित रह गया। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी मौके पर कोई काम शुरू नहीं हुआ, जिससे अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में मुख्यमंत्री और स्थानीय विधायक तक शिकायतें पहुंचाई गईं, लेकिन जिम्मेदार विभाग के अधिकारियों ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। भीषण गर्मी के बीच महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे दूर-दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। कई परिवार दूसरों के निजी नलों और हैंडपंपों से पानी भरकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की उदासीनता और लापरवाही के कारण समस्या दिन-ब-दिन विकराल होती जा रही है। यदि समय रहते बोरवेल का रिबोर कार्य शुरू नहीं कराया गया, तो हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर रिबोर का कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन कर अपने अधिकार की लड़ाई लड़ने के लिए मजबूर होंगे। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी जनता की इस मूलभूत समस्या का समाधान करते हैं या फिर लोगों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ता है।

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