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गाय माता है तो बोलने में शर्म कैसी निघासन में गरजे शंकराचार्य योगी सरकार पर सीधा हमला

 गाय माता है तो बोलने में शर्म कैसी निघासन में गरजे शंकराचार्य योगी सरकार पर सीधा हमला 




ये असली हिंदू नहीं इस बार वोट में गलती मत करना अविमुक्तेश्वरानंद के बागी तेवर से सियासत में भूचाल


निघासन लखीमपुर खीरी   

गविष्ठी यात्रा लेकर निघासन पहुंचे जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मंच से ऐसा बम फोड़ा कि यूपी की सियासत हिल गई। जेपी पैलेस, गोपाल जी मैरिज लॉन में हजारों की भीड़ के सामने शंकराचार्य ने योगी सरकार को ललकार दिया – "जो गाय को माता नहीं मान सकता, वो असली हिंदू नहीं


मंच से हाथ उठवाकर ली शपथ  

ढखेरवा रोड स्थित जेपी पैलेस में गविष्ठी कार्यक्रम में हिमांशु पटेल और आरएस कुशवाहा ने पुष्पगुच्छ देकर आशीर्वाद लिया। लेकिन असली तूफान आया शंकराचार्य के भाषण में। उन्होंने पूरा पंडाल खड़ा करवाकर हाथ उठवाए और नारा लगवाया गाय हमारी माता है 


सरकार पर सीधा वार: "इनकी मंशा कुंठित हो गई

शंकराचार्य ने तल्ख लहजे में कहा:  

"300 विधानसभा घूम चुका हूं। पूरा देश, पूरा प्रदेश गाय को माता कहता है। लेकिन यूपी सरकार के मुंह से 'माता' शब्द नहीं निकलता। इनके लिए गाय सिर्फ पशु है। क्यों? क्योंकि इनकी मंशा कुंठित हो गई है। ये असली हिंदू नहीं हैं। असली हिंदू तो गाय को माता ही कहेगा।"


हिंदुओं ने सरकार बनाई, अब गलती मत करना  

शंकराचार्य यहीं नहीं रुके। उन्होंने वोट की चोट पर सीधा प्रहार किया:  

"हिंदुओं ने ही इनकी सरकार बनाई है। आप सब इनको वोट करते रहे। लेकिन इस बार गलती मत करना। जो गौमाता का निरादर करे, उसे सबक सिखाना जरूरी है।"


गौमांस खाने वाले और दूध पीने वाले साथ नहीं रह सकते

उन्होंने दो टूक कहा कि गाय का मांस खाने वाले और गाय का दूध पीने वाले एक साथ नहीं रह सकते। "इसलिए हिंदुओं को अब जागना ही होगा। सोते रहे तो गौमाता को बचा नहीं पाओगे।"


अवध क्षेत्र में एंट्री, सियासी पारा हाई

शंकराचार्य ने बताया कि वो 300 विधानसभा का भ्रमण कर अब अवध क्षेत्र में आए हैं। हर जगह जनता गाय को माता मानती है, सिर्फ सरकार अड़ी है। उनके इस बयान के बाद बीजेपी खेमे में खलबली मच गई है। 


सवाल तीखे हैं 

जब शंकराचार्य खुलेआम सरकार को 'नकली हिंदू' बोल रहे हैं और वोट न देने की अपील कर रहे हैं, तो क्या यूपी में गौरक्षा नया चुनावी मुद्दा बनेगा? निघासन की इस हुंकार की गूंज लखनऊ तक सुनाई दे रही है।

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