संतुलित आहार और माहवारी स्वच्छता से एनीमिया व गर्भाशय-ग्रीवा कैंसर से बचाव संभव
संतुलित आहार और माहवारी स्वच्छता से एनीमिया व गर्भाशय-ग्रीवा कैंसर से बचाव संभव
अमेठी। सोसाइटी फॉर एनिमल हेल्थ, एग्रीकल्चर साइंस एंड ह्यूमैनिटी (संबद्ध मेरा युवा भारत, अमेठी) एवं सहायक ट्रस्ट, मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में विकास खंड अमेठी के उच्च माध्यमिक विद्यालय बरियापुर में किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य एनीमिया, माहवारी स्वच्छता एवं गर्भाशय-ग्रीवा कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्या सुमन शुक्ला ने किया। इस अवसर पर आशा बहू पुष्पा मिश्रा ने किशोरियों एवं महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बनाए रखने के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वच्छ और हवादार सैनिटरी पैड का प्रयोग करना चाहिए तथा हर 4 से 6 घंटे में पैड बदलना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गंदे या गीले कपड़ों के उपयोग से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ज्योति यादव ने बताया कि सामान्य महिला के शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर लगभग 12 ग्राम प्रति डेसीलीटर होना चाहिए। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अध्ययन में बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की समस्या पाई गई है, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर एस.पी. सिंह ने कहा कि देश में बड़ी संख्या में किशोरियां एनीमिया से प्रभावित हैं। उन्होंने बताया कि तंबाकू, गुटखा और शराब जैसे नशीले पदार्थ शरीर में आयरन के अवशोषण को बाधित करते हैं। उन्होंने अंकुरित अनाज, सहजन, हरी सब्जियों तथा लोहे की कड़ाही में भोजन पकाने की सलाह दी। साथ ही जैविक पोषण वाटिका, बीजामृत एवं जीवामृत तैयार करने की विधि और उनके लाभों पर भी विस्तार से जानकारी दी। आशा बहू शांति देवी ने एनीमिया के लक्षणों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इससे थकान, चक्कर आना, सांस लेने में कठिनाई, सिरदर्द, भूख में कमी, चिड़चिड़ापन तथा बार-बार बीमार पड़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं में एनीमिया समय से पूर्व प्रसव और कम वजन वाले शिशु के जन्म का कारण भी बन सकता है। स्वयंसेविका एवं लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी की छात्रा संध्या विश्वकर्मा ने संतुलित आहार के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि भोजन में आयरन, प्रोटीन, विटामिन-सी, हरी पत्तेदार सब्जियां, चुकंदर और गाजर को शामिल करना चाहिए। उन्होंने प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीने तथा जंक फूड से परहेज करने की सलाह दी। कार्यक्रम में महिलाओं एवं किशोरियों को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं। इस अवसर पर शांति देवी, मीना, कुसुम सिंह, रेशमा देवी सहित 45 से अधिक महिलाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, संतुलित आहार लेने और स्वच्छता बनाए रखने का संदेश दिया गया।
यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के साथ

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