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अमेठी: प्लॉट विवाद में महिला का गंभीर आरोप, धमकी देकर कराया गया जबरन सुलहनामा; निष्पक्ष जांच की मांग, किसान यूनियन जिला अध्यक्ष शमीमा खान ने उठाई आवाज

 अमेठी: प्लॉट विवाद में महिला का गंभीर आरोप, धमकी देकर कराया गया जबरन सुलहनामा; निष्पक्ष जांच की मांग, किसान यूनियन जिला अध्यक्ष शमीमा खान ने उठाई आवाज



जनपद अमेठी के थाना मोहनगंज क्षेत्र में प्लॉट विवाद का मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है। ग्राम रस्ता मऊ निवासी साजिदा पत्नी अहसान ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि प्लॉट दिलाने के नाम पर उनसे दो लाख 31000 रुपए लिए गए थे जब उन्होंने इस संबंध में पुलिस से शिकायत की तो शिकायत वापस लेने के लिए उन पर लगातार दबाव बनाया गया। विरोध करने पर कथित रूप से गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और उनके पति को झूठे दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। महिला का यह भी आरोप है कि बाद में उन्हें थाने बुलाकर दबाव के बीच स्टाम्प पेपर पर जबरन सुलहनामा लिखवा लिया गया।

शिकायत के अनुसार, महिला ने पहले थाना कमरौली में प्रार्थना-पत्र देकर आरोप लगाया था कि प्लॉट दिलाने के नाम पर उनसे दो लाख 31000 रुपये लिए गए, लेकिन न तो प्लॉट मिला और न ही रुपये वापस किए गए। उनका कहना है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद 2 जुलाई 2026 की सुबह लगभग नौ बजे अकबरूल पत्नी रिजवान, निवासी रोड नंबर-4, थाना कमरौली, एक अज्ञात व्यक्ति के साथ उनके घर पहुंची और शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने लगी। महिला का आरोप है कि जब उन्होंने शिकायत वापस लेने से इनकार किया तो उनके साथ अभद्रता की गई तथा पूरे परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।महिला ने अपने शिकायती पत्र में आगे आरोप लगाया है कि बाद में दोनों पक्षों को थाना मोहनगंज बुलाया गया, जहां उनकी स्वतंत्र इच्छा के विरुद्ध समझौता कराने का प्रयास किया गया। उनका कहना है कि थाने में पुलिसकर्मियों से कहकर उनका मोबाइल अपने पास रखवा दिया और उन्हें परिवार से अलग बैठा दिया। इसी दौरान उनके ससुर पर दबाव बनाकर स्टाम्प पेपर पर सुलहनामा लिखवा लिया गया। महिला का कहना है कि यह समझौता पूरी तरह से दबाव और भय के माहौल में कराया गया तथा इसमें उनकी स्वतंत्र सहमति शामिल नहीं थी।साजिदा ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराई जाए। उन्होंने आरोपित व्यक्तियों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), अन्य इलेक्ट्रॉनिक एवं तकनीकी साक्ष्यों की जांच कराने की भी मांग की है, ताकि घटनाक्रम की वास्तविकता सामने आ सके। साथ ही उन्होंने कथित दबाव में कराए गए सुलहनामे की वैधानिकता की जांच, दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई तथा अपने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।इस मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन ( अमेठी के जिला अध्यक्ष शमीम खान ने भी प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाकर समझौता कराया गया है तो यह अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। शमीमा खान ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त एवं विधिसम्मत कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि पीड़ित पक्ष को  मिल सके और आम जनता का कानून व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को दिए गए शिकायती पत्र में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।


यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के साथ

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