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अमेठी: रास्ते के अभाव में तीन परिवार अपने ही घरों में रहने को मजबूर, बरसात में बच्चों की जान जोखिम में; दबंगों पर धमकी व मस्जिद का रास्ता बाधित करने का आरोप

 अमेठी: रास्ते के अभाव में तीन परिवार अपने ही घरों में रहने को मजबूर, बरसात में बच्चों की जान जोखिम में; दबंगों पर धमकी व मस्जिद का रास्ता बाधित करने का आरोप



 जनपद अमेठी की तहसील तिलोई अंतर्गत ग्राम सभा फतेहपुर के पूरे शेरू में रहने वाले सलीम, कलीम और शकील के परिवारों ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि गाटा संख्या 1088 पर वर्षों से चले आ रहे रास्ते के विवाद के कारण उन्हें अपने ही घरों में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। उनका कहना है कि रास्ता अवरुद्ध होने से उनके परिवार का सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।

पीड़ित परिवारों के अनुसार बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। घर के चारों ओर पानी भर जाने से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। बच्चों को स्कूल जाने, महिलाओं को आवश्यक कार्यों के लिए तथा परिवार के अन्य सदस्यों को आने-जाने के लिए भरे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। उनका कहना है कि हर समय किसी अनहोनी की आशंका बनी रहती है।परिवार का आरोप है कि रास्ते के विवाद को लेकर दो बार ग्राम प्रधान एवं क्षेत्र के सम्मानित लोगों की मौजूदगी में आपसी सुलह-समझौता कराया गया, लेकिन इसके बावजूद विपक्षी पक्ष ने समझौते का पालन नहीं किया और आज तक रास्ता उपलब्ध नहीं कराया गया।पीड़ितों का यह भी आरोप है कि जब भी वे अपने रास्ते की मांग करते हैं, विपक्षी पक्ष द्वारा उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाती है। उनका कहना है कि अनस पुत्र सहबू एवं उनके एक सहयोगी को भी कथित रूप से दबंगों और भूमाफियाओं द्वारा परेशान किया गया। परिवार का आरोप है कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण वे भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

पीड़ित परिवारों ने यह भी आरोप लगाया है कि दबंगों द्वारा मस्जिद के रास्ते पर भी कथित रूप से कब्जा कर लिया गया है, जिससे नमाजियों और स्थानीय लोगों को आने-जाने में कठिनाई हो रही है। उन्होंने प्रशासन से मस्जिद के रास्ते की भी राजस्व अभिलेखों के अनुसार जांच कराकर उसे अतिक्रमणमुक्त कराने की मांग की है।पीड़ित परिवारों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। उन्होंने जिला प्रशासन, तहसील प्रशासन, राजस्व विभाग एवं पुलिस प्रशासन से मांग की है कि गाटा संख्या 1088 के राजस्व अभिलेखों के अनुसार रास्ता तत्काल उपलब्ध कराया जाए, मस्जिद के रास्ते से कथित अतिक्रमण हटवाया जाए, पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि धमकी, कब्जे और उत्पीड़न के आरोप सही पाए जाएं तो दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए, ताकि तीनों परिवार एवं क्षेत्रवासी सुरक्षित और निर्बाध रूप से आवागमन कर सकें।

नोट: इस समाचार में उल्लिखित सभी आरोप पीड़ित परिवारों के कथनों पर आधारित हैं। संबंधित पक्ष एवं प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।


यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के साथ

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