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वर्षा ऋतु में डूबने की घटनाओं की रोकथाम हेतु एडीएम ने जारी की एडवाइजरी, जर्जर एवं क्षतिग्रस्त मकानों में न रहने की भी दी सलाह

 वर्षा ऋतु में डूबने की घटनाओं की रोकथाम हेतु एडीएम ने जारी की एडवाइजरी, जर्जर एवं क्षतिग्रस्त मकानों में न रहने की भी दी सलाह



अमेठी, 06 अगस्त 2026। अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) ज्योति सिंह ने वर्षा ऋतु के दौरान गहरी नदियों, नहरों, तालाबों एवं अन्य जलाशयों में डूबने से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा जनसामान्य की सुरक्षा के दृष्टिगत विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने समस्त अभिभावकों, बच्चों, किशोरों एवं वृद्धजनों से सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि थोड़ी सी सतर्कता से बहुमूल्य जीवन की रक्षा की जा सकती है। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि यदि तैरना नहीं जानते हैं तो नदियों, तालाबों एवं घाटों के किनारे जाने से बचें। किसी नए स्थान पर नदी या जलाशय में प्रवेश करने से पूर्व उसकी गहराई एवं जल प्रवाह की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। बच्चों को पुलों, तालाबों, नदियों, गहरे गड्ढों तथा तेज बहाव वाले पानी में स्नान करने से रोकें। साथ ही उन्हें पुलों अथवा ऊंचे स्थानों से पानी में छलांग लगाने, जलाशयों में खेल-कूद करने तथा स्नान के दौरान सेल्फी लेने से भी रोकें। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति डूब रहा हो तो स्वयं पानी में उतरकर जोखिम न उठाएं, बल्कि धोती, साड़ी, रस्सी अथवा बांस की सहायता से उसे बचाने का प्रयास करें और आसपास मौजूद लोगों को तत्काल सहायता के लिए बुलाएं। किसी भी आपात स्थिति में डूबे हुए व्यक्ति को बाहर निकालकर शीघ्र अस्पताल पहुंचाने के लिए पुलिस आपातकालीन सेवा 112 पर संपर्क करें। अपर जिलाधिकारी ने डूबे हुए व्यक्ति को प्राथमिक उपचार देने की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि व्यक्ति के मुंह में कोई वस्तु फंसी न हो। यदि कोई अवरोध हो तो उसे हटाएं। इसके बाद नाक और मुंह के पास सांस तथा गले के किनारों पर नब्ज की जांच करें। सांस या नब्ज का पता न चलने पर मुंह से मुंह लगाकर दो बार सांस दें तथा छाती के मध्य भाग पर लगभग 30 बार दबाव डालें। आवश्यकता अनुसार इस प्रक्रिया को 3 से 4 बार दोहराएं और तत्काल चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराएं। लगातार हो रही वर्षा को देखते हुए अपर जिलाधिकारी ने जनसामान्य से क्षतिग्रस्त, जर्जर एवं असुरक्षित भवनों में निवास न करने की भी अपील की है। उन्होंने कहा कि ऐसे मकानों में रहने से दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। किसी भवन के कमजोर या क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर चले जाएं तथा स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दें। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि वर्षा ऋतु के दौरान सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा स्वयं एवं अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करें।


यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के साथ

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