11 घरों के लिए आज भी कच्चा रास्ता बना मजबूरी, ग्रामीणों ने पक्की सड़क निर्माण की उठाई मांग
11 घरों के लिए आज भी कच्चा रास्ता बना मजबूरी, ग्रामीणों ने पक्की सड़क निर्माण की उठाई मांग
यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के साथ
जनपद अमेठी तिलोई तहसील क्षेत्र की ग्राम सभा फुला के अंतर्गत आने वाले पूर्वा डीह में आज भी करीब 11 घरों के लोग कच्चे रास्ते के सहारे आवागमन करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में आने-जाने के लिए उचित रास्ता नहीं होने के कारण उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ग्रामीणों का कहना है कि गांव के रास्ते को लेकर कई बार लिखित शिकायत की गई और ग्राम प्रधान को भी समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन इसके बावजूद अभी तक रास्ते का निर्माण नहीं कराया गया। ग्रामीणों के मुताबिक बारिश के मौसम में कच्चा रास्ता और अधिक खराब हो जाता है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है सबसे गंभीर समस्या उस समय सामने आती है जब गांव में किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक खराब हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता खराब होने के कारण एंबुलेंस या अन्य वाहन को गांव तक पहुंचने में परेशानी होती है। ऐसी स्थिति में मरीज को कभी कंधे पर बैठाकर तो कभी खटिया पर लिटाकर मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ता है ग्रामीणों के अनुसार स्कूली बच्चों को भी रोजाना परेशानी उठानी पड़ती है। कच्चे और खराब रास्ते से होकर बच्चों को स्कूल जाना पड़ता है। बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और अन्य ग्रामीणों के लिए यह रास्ता लंबे समय से परेशानी का कारण बना हुआ है ग्रामीणों ने अपनी समस्या को लेकर प्रशासन से मौके पर जांच करवाकर रास्ते की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कराने तथा नियमानुसार रास्ते का निर्माण/सुदृढ़ीकरण कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गांव में बेहतर रास्ता उपलब्ध हो जाए तो आवागमन की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है और आपातकालीन स्थिति में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना भी आसान होगा अब देखना यह है कि ग्रामीणों की शिकायत पर संबंधित विभाग और प्रशासन द्वारा मौके की जांच कर पूर्वा डीह के 11 परिवारों के लिए सुगम आवागमन की व्यवस्था कब तक सुनिश्चित की जाती है
नोट: खबर ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों और बताई गई समस्याओं पर आधारित है। संबंधित ग्राम प्रधान/अधिकारी का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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