Click now

https://bulletprofitsmartlink.com/smart-link/41102/4

सड़क के अभाव में दीर्घज का पुरवा बेहाल, ग्रामीणों का आवागमन हुआ दुश्वार; बोले- “रोड नहीं तो वोट नहीं”

 सड़क के अभाव में दीर्घज का पुरवा बेहाल, ग्रामीणों का आवागमन हुआ दुश्वार; बोले- “रोड नहीं तो वोट नहीं”



यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के साथ 


जनपद अमेठी तहसील तिलोई विकासखंड सिंहपुर की ग्राम सभा करन गांव इसी गांव में दीर्घज का पुरवा में सड़क की समस्या ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। गांव में समुचित रास्ता न होने के कारण स्थानीय लोगों को रोजाना आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अभी तक इसका स्थायी समाधान नहीं कराया गया है ग्रामीणों के मुताबिक गांव तक आने-जाने वाला रास्ता खराब होने के कारण सबसे अधिक परेशानी बीमार और बुजुर्ग लोगों को होती है। किसी व्यक्ति की तबीयत खराब होने पर उसे अस्पताल तक ले जाने में काफी कठिनाई होती है। कई बार रास्ते की स्थिति के कारण वाहन गांव तक पहुंचने में भी परेशानी का सामना करते हैं, जिससे मरीजों को समय पर इलाज मिलना मुश्किल हो सकता है।

वहीं, स्कूली बच्चों को भी प्रतिदिन इसी रास्ते से आवागमन करना पड़ता है। रास्ता खराब होने के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में समस्या और भी गंभीर हो जाती है तथा कीचड़ और खराब रास्ते के चलते पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है ग्रामीणों ने बताया कि गांव के विकास के लिए सड़क जैसी मूलभूत सुविधा बेहद जरूरी है। सड़क के अभाव में न केवल आवागमन प्रभावित हो रहा है, बल्कि ग्रामीणों को रोजमर्रा के जरूरी कार्यों के लिए भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कई बार संबंधित जिम्मेदारों का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित कराने की बात कही, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका समस्या से नाराज ग्रामीणों ने अब अपनी आवाज बुलंद करते हुए कहा है कि “रोड नहीं तो वोट नहीं।” ग्रामीणों का कहना है कि जब तक गांव में आवागमन के लिए उचित सड़क की व्यवस्था नहीं होगी, तब तक उनकी परेशानी दूर नहीं होगी।

ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से मामले की स्थलीय जांच कराकर सड़क निर्माण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का जायजा लें और ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द सड़क निर्माण कराया जाए, ताकि मरीजों, बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों सहित सभी ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिल सके।

कोई टिप्पणी नहीं