70 हजार बेतन पाने वाले अध्यापक नौनिहाल बच्चों के जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे
70 हजार बेतन पाने वाले अध्यापक नौनिहाल बच्चों के जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे है
राज्य सरकार इन अध्यापकों के पीछे पानी की तरह पैसा बहा रही है लेकिन शिक्षा क्षेत्र अमानी गंज के अध्यापक सुधरने का नाम ही नहीं ले रहे है कुछ अध्यापक गण
देर से आना, जल्दी जाना, अनुपस्थित रहना, विद्यालय में हस्ताक्षर बनाकर चले जाना ,शिक्षा क्षेत्र अमानी गंज विकास खंड अमानी गंज के अधिकांश पूर्व माध्यमिक विद्यालय व प्राथमिक विद्यालय स्कूलों के शिक्षकों की बन चुकी है दिनचर्या आदत
शिक्षा क्षेत्र अमानीगंज के कुछ अध्यापक गण चाय और होटल की दुकानों पर राजनीति करते दिखाए देते हैं और विद्यालय में समय न देकर क्षेत्र में राजनीति करते दिखाई पड़ते है
यदि जिले की प्रशासनिक अधिकारी व किसी अन्य विभाग के अधिकारी द्वारा जांच कराई जाए तो दूध का दूध पानी का पानी साफ दिखाई पड़ेगा
कुछ विद्यालय एक ही अध्यापक के सहारे चल रहे है
कुछ विद्यालय शिक्षा क्षेत्र अमानी गंज में है जहां पर अध्यापको की संख्या ज्यादा है तो वहाँ की संख्या कम मानक के आधार पर
नौ की लकड़ी नब्बे खर्च की चरितार्थ की कहावत है
समाचार पत्रों की सुर्खियां बनने के बाद भी नहीं थम रहा स्कूलों में शिक्षकों के अनुपस्थित रहने का सिलसिला
श्री न्यूज़ 24 /अदिति न्यूज़
जिला संबाददाता दलबहादुर पांडेय अयोध्या
अयोध्या -उत्तर प्रदेश में जहां पर वर्तमान भाजपा सरकार शिक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करती नजर आती है वहीं पर सरकार के कुछ नुमाइंदे ही सरकार की छवि को धूमिल करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते। जनपद अयोध्या के विकासखंड अमानी गंज व शिक्षा क्षेत्र अमानी गंज में आए दिन समाचार पत्रों की सुर्खियां बनने के बाद भी सरकारी स्कूलों के शिक्षक सुधरने का नाम नहीं ले रहे यहां पर देर से आना ,जल्दी जाना ,अनुपस्थित रहना आदि शिक्षकों की आदत सी बन चुकी है परंतु जिम्मेदारों के कानों में जूं तक नहीं रेंगती शिक्षकों के लापरवाह रवैया से जहां देश के होनहारों नौनिहाल बच्चों का भविष्य अंधेरे में जाता दिखाई दे रहा है ।तो वहीं कहीं न कहीं सरकार के मंसूबों पर भी पानी फिरता नजर आ रहा है । प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखंड अमानीगंज शिक्षा क्षेत्र अमानी गंज के अधिकांश विद्यालयों में शिक्षक देर से आते हैं तो वही समय से पहले ही स्कूल बंद कर अपने गंतव्य की ओर जाते देखे जा सकते हैं ।यही नहीं यहां पर कई विद्यालय तो ऐसे हैं ।जहां पर शिक्षकों की नियुक्ति तो दर्जनों में है परंतु मौके पर अधिकांश शिक्षक अनुपस्थित ही बने रहते हैं।जब हमारे संवाददाता ने प्राथमिक विद्यालय बकचुना का निरीक्षण किया तो 8बजकर 58 मिनट पर सहायक अध्यापक धर्मेद्र कुमार विद्यालय पहुंचे और जहाँ पर झाडू लगाते बच्चे मिले और पूछने पर बताया कि सफाई कर्मी सप्ताह में एक दो दिन आते है और प्रधानाध्यापक राम गोपाल के बारे में बताया कि छूट् टी पर है सहायक अध्यापक नवीन कुमार प्रशिक्षण में है।और विद्यालय में गंदगी का अंबर लगा है और शौचालय की स्थिति बहुत ज्यादा गड़बड़ थी । बच्चो की संख्या के बारे में पूछा गया तो बताया कि 112 बच्चों का पंजीकरण हुआ है और मौके पर लगभग 20 से 25 की संख्या में बच्चे दिखाई पड़े।और अन्य अध्यापकों के बारे में सहायक अध्यापक धर्मेंद्र कुमार ही जाने या तो ऊपर वाला ही जाने की छुट्टी पर है कि नहीं या प्रशिक्षण में है कि नहीं। इसी प्रकार प्राथमिक विद्यालय पूरे बैशन में सहायक अध्यापक जितेंद्र कुमार पढ़ाते हुए मिले और प्रधानाध्यापक सीपी गौतम मौके पर अनुपस्थित मिले और ग्राम वासियों ने और बच्चों ने बताया कि प्रधानाध्यापक हफ्ते में एक या दो दिन आते हैं। वही पर स्कूल का गेट 4 साल से टूटा हुआ है आज तक इसकी मरम्मत नहीं हो पाई है और दिव्यांग शौचालय और अन्य शौचालय की हालत बहुत दयनीय है और विद्यालय के कमरे में खिड़की टूटी हुई है और छत के पलस्तर टूटे हुए दिखाई पड़े हैं।जहां एक तरफ मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी विद्यालय को मंदिर जैसा चमकाने के लिए प्रयासरत हैं और पानी की तरह पैसा विद्यालय के लिए राज्य सरकार दे रही है वहीं पर प्रधानाध्यापक और प्रधान उनके मंसूबे पर पानी फेर रहे हैं । इसी प्रकार दर्जनों विद्यालय शिक्षा क्षेत्र अमानीगंज में कहीं कहीं पर कुछ अध्यापक विद्यालय में आकर के हस्ताक्षर बनाकर चले जाते हैं कहीं पर आते ही नहीं और कही पर आते है भी तो अपना समय चाय और होटल की दुकानों पर बिताते हैं और राजनीति करते दिखाई नजर आते है।मानक के अनुसार इन दोनों विद्यालय में बच्चों की संख्या बहुत कम है एक अध्यापक पर कम से कम 30बच्चे होने चाहिए इस संबंध में जब खंड शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि शिक्षा क्षेत्र अमानीगंज में 193 विद्यालय और अन्य चीज के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि थोड़ी देर बाद ही बताएंगे तब से संवाददाता ने कई बार फोन किया तो फोन रिसीव नहीं किया है और ना ही फोन करना मुनासिब समझा।और जब इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार राय से उनके सीयूजी नंबर 9453004141पर संपर्क किया तो बेल बजती रही लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। जहाँ पर राज्य सरकार ने आम जनता की समस्या के लिए सीयूजी नंबर उपलब्ध कराया है वहीं पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने फोन को रिसीव करना मुनासिब नही समझा। और जब मुख्यविकास अधिकारी अनीता यादव से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि अभी मीटिंग में हूं बाद में बात करूंगी।अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाले शिक्षा के प्रथम गुरु कहे जाते है। लेकिन जब गुरु ही अधकार में हैं तो कैसे होगा बच्चों का भविष्य उज्जवलमय और कैसे होगा शिक्षा का विकास और देश का। यह है शिक्षा क्षेत्र अमानी गंज का जीता जागता उदाहरण। अब सवाल यह उठता है कि आखिर जिम्मेदार अफसर जान कर भी क्यों शिक्षकों पर मेहरबान बने हुएहैं ? दर्जनों पेपरों की सुर्खियां बनने के बाद भी आखिर क्यों नहीं हुई शिक्षकों पर कार्रवाई? यह हाल सिर्फ एक विद्यालय का नहीं है अधिकांश विद्यालय का है। कुछ में शिक्षामित्र पूरे विद्यालय की जिम्मेदारी संभालते नजर आते हैं। कुछ प्रधानाध्यापकों व अध्यापकों से जानकारी ली गई कि आप विद्यालय लेट क्यों आते हैं तो उनका सीधा सा जवाब रहता है कि काफी दूर से आते हैं इसलिए लेट हो जाते है अब देखना होगा कि इन लापरवाह अध्यापकों पर कोई कार्रवाई होगी या नहीं

Post a Comment