मोहम्मदी खीरी पुवायां रोड स्थित श्री श्याम बल्लभा मंदिर प्रांगड़ में चल रही श्री मानस अमृत राम कथा का तीसरा दिन
मोहम्मदी खीरी पुवायां रोड स्थित श्री श्याम बल्लभा मंदिर प्रांगड़ में चल रही श्री मानस अमृत राम कथा का तीसरा दिन
श्री न्यूज 24/ अदिति न्यूज
रीतेश शुक्ला मोहम्मदी खीरी
मोहम्मदी खीरी। पुवायां रोड स्थित श्री श्याम बल्लभा मंदिर प्रांगड़ में चल रही श्री मानस अमृत राम कथा का तीसरे दिन पूज्य श्री जितेन्द्री जी महाराज ने सभी भक्तों को बताया - गुरुजन के पास न जाकर गृहस्थ शिक्षण प्राप्त करना शिक्षार्थी में मद आने का कारण।कथा के माध्यम से नगर वासियों को स्वच्छता का महत्व समझाया,उन्होंने कहा की स्वच्छता ही स्वच्छ मन और वातावरण का प्रतीक हैं।मानस अमृत सेवा संस्थान की ओर से श्री श्याम वल्लभा मंदिर परिसर में चल रही श्री राम कथा के तीसरे दिन परम पूज्य श्री जितेंद्री जी महाराज ने उपस्थित भक्तजनों को स्वच्छता के प्रति सचेत रहने और स्वच्छता की शपथ दिलाकर मां पार्वती और भगवान शिव के अदभुत विवाह का वर्णन सुनाकर भक्तों को भाव विभोर कर दिया।शिव पार्वती के विवाह की बेला का जिस मनोहर ढंग से वर्णन किया,उसमें भक्तजन मंत्रमुग्ध होकर झूमने को मजबूर हुए।शिव पार्वती के विवाह का वर्णन करने से पूर्व जितेंद्री जी महाराज ने उपस्थित भक्तजनों से स्वच्छता का संदेश दिया और अपने आसपास के वातावरण और स्वयं को स्वच्छ रहने की शपथ दिलाई।स्वच्छता ही अच्छे स्वास्थ्य की परिचायक है।मानस मर्मज्ञ श्री जितेंद्री जी महाराज ने शिव पार्वती के विवाह का वर्णन करते हुए कहा कि पति-पत्नी का सामंजस्य जीवन में उतना ही महत्व रखता है जितना भक्त और भगवान का होता है।साथ ही पूज्य महाराज श्री ने भजन सुनाया"आई भोले की बरतिया हिमाचल नगरी,दूसरा भजन "हाथ में त्रिशूल गरबा,गले सर्पों की माल,भोले नंदी पर सवार,रुपवा मनवा मोहत बा" सुनाया।यहां पर उपस्थित सैकड़ों भक्त झूम उठे।नृत्य करते हुए अपने पैरों को रोक न सके।श्री जितेंद्री जी महाराज ने कहा कि भारतीय परंपरा के अनुसार,पहले के समय में प्रत्येक शिष्य अपने गुरुजन के पास अध्ययन के लिए जाता था और शिक्षा ग्रहण करता था लेकिन आज के परिवेश में माता पिता बच्चों के लिए शिक्षा का प्रबंध हेतु अपने घरों में गुरुजनों को बुलवाते हैं कोचिंग कराकर शिक्षा देते हैं यह जिस दिन से शुरू हो गया ,उस दिन से बच्चों में एक मानसिक रुप से मद उत्पन्न हो गया।यदि मेरे गुरुजन मुझे मारेंगे,डाटेंगे या अपशब्द कहेंगे तो उस शिक्षक को बदलवा देंगे।आज कल का शिक्षार्थी अपने गुरुजन को अपने मद के अनुसार प्रयोग करवाना चाहता हैं।अतः बच्चों को गृह कोचिंग न लगाकर उसे शिक्षक के पास भेजें,जिससे बच्चों में मद ना आ सके।श्री महाराज ने बताया कल राम जन्म की कथा का रसपान कराया जाएगा।

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