परिजन का आरोप पलिया चीनी मिल की वादाखिलाफी: 6 साल बाद भी मृतक के भाई को नहीं मिली स्थाई नौकरी, दूसरे दिन भी परिवार की भूख हड़ताल जारी"
"परिजन का आरोप पलिया चीनी मिल की वादाखिलाफी: 6 साल बाद भी मृतक के भाई को नहीं मिली स्थाई नौकरी, दूसरे दिन भी परिवार की भूख हड़ताल जारी"
पीड़ित पक्ष वादा खिलाफी को लेकर चीनी मिल परिसर में भूख हड़ताल पर बैठा और जिस बैनर के तले बैठा उसे पर लिखा जाति चमार क्यों
पीड़ित अजीत कुमार गौतम अपनी पत्नी और दो मासूम बच्चों और माता-पिता के साथ धरने पर बैठे
पलिया कला खीरी:- पलिया कला खीरी बजाज चीनी मिल पर भूख हड़ताल पर बैठे परिवार का गंभीर आरोप छह साल बीत जाने के बाद भी मृतक आश्रित के भाई को नहीं मिली स्थाई नौकरी। जिला बस्ती के रहने वाले एक परिवार एक युवक ने अपने परिवार के भरण पोषण के लिए पलिया चीनी मिल के विद्युत विभाग में मनीष पुत्र प्रेम सागर स्थाई नौकरी कर रहे थे। विगत छह वर्ष पहले चीनी मिल परिसर में 24 मार्च 2021 को नौकरी के समय बिजली का कार्य करते हुए करंट लगने से युवक की मौत हो गई जिसकी सूचना परिजनों को दी गई किंतु परिजन घर पर मौजूद नहीं थे परिजन के मौजूदगी के बगैर ही उसका पोस्टमार्टम करा दिया गया और अन्त्येष्टि के लिए जो भी धनराशि दी जाने की बात कही थी उसमें भी धनराशि कम दी गई परिवार और चीनी मिल के संगठन ने बैठकर फक्ट्री और परिवार के बीच चीनी मिल के लेटर पैड पर अनुबंध कराया गया कि उसको जो भी मृतक के परिवार का मुआवजा बनेगा वह दिया जाएगा और उसके भाई को स्थाई नौकरी दी जाएगी। परिवार के आरोप के अनुसार जिस विभाग में उसके भाई को नौकरी दी जानी चाहिए थी उसमें ना देकर टाइम ऑफिस में लगा दिया गया और उनको यह बताया गया था कि मिल के नियमानुसार दो साल की ट्रेनिंग के पश्चात उसको स्थाई नौकरी पर कर दिया जाएगा। जो भी उसका मानदेय ग्रेड के अनुसार होगा वह दिया जाएगा। ऐसा न होने के बाद पीड़ित अजीत कुमार गौतम अपने मां-बाप पत्नी और दो मासूम बच्चों के साथ कल दिनांक 1 अप्रैल 2026 से भूख हड़ताल पर बैठ गया। भूख हड़ताल का कारण उसने जिले के प्रशासनिक अधिकारी और मिल के प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र देकर अवगत कराया कि जब तक हमारे बेटे को स्थाई नौकरी और ग्रेड पे के हिसाब से वेतन का भुगतान नहीं किया जाएगा तब तक यह भूख हड़ताल या यह भी कह सकते हैं कि आमरण अनशन जारी रहेगा। फिलहाल पलिया के उप जिलाधिकारी महोदय के आश्वासन देने के बाद भी दूसरे दिन धरना प्रदर्शन जारी।
जब इस मामले को लेकर पलिया के उप जिलाधिकारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि प्रकरण हमारे संज्ञान में नहीं है और इसकी पूरी जानकारी कर मिल प्रशासन से बात कर परिवार को जो भी समस्या उसका समाधान किया जाएगा। मामला और जिलाधिकारी महोदय के संज्ञान में पहुंचते ही उन्होंने चीनी मिल के जनरल मैनेजर आप चौहान से वार्ता की उसके बाद उन्होंने पीड़ित के मुखिया से बात की और बताया कि आप की कार्यवाही के लिए पत्र हेड ऑफिस भेज दिया गया है जिसका तीन-चार दिन में लिखित आदेश हो जाएगा और आपकी स्थाई नौकरी की व्यवस्था कर दी जाएगी इसके बाद उन्होंने परिवार से धरने को खत्म करने के लिए कहा।
न्याय की गुहार: मृतक के परिजन (माता-पिता, पत्नी और दो मासूम बच्चे) भीषण परिस्थितियों में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। पीड़ित परिवार का सीधा आरोप है कि गरीबी और जातिगत भेदभाव के कारण मिल प्रशासन कार्यवाही नहीं कर रहा है और उन्हें केवल झूठे आश्वासन दिए जा रहे हैं। छह साल का लंबा इंतजार करने के बाद 24 मार्च 2021 से चल रहे इस मामले में अभी तक कोई ठोस समाधान न निकलना प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाता है। प्रशासनिक चुप्पी का बाद दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रहने के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई सार्थक हस्तक्षेप न होना चिंताजनक है।न्याय के लिए चीनी मिल के द्वार पर भूख हड़ताल पर बैठा परिवार!
पलिया चीनी मिल में मृतक कर्मचारी के भाई को 6 साल बाद भी परमानेंट नौकरी नहीं मिली। पीड़ित का आरोप है कि उसकी गरीबी और जाति को देखते हुए उसे नजरअंदाज किया जा रहा है। आज भूख हड़ताल का दूसरा दिन है, जिसमें मासूम बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता के साथ पूरा परिवार शामिल है। क्या प्रशासन इस बेबस परिवार की सुध लेगा?
श्री न्यूज़ 24/अदिति न्यूज़ से UP हेड मनोज प्रजापति की खास रिपोर्ट

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