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कालीमठ मंदिर उत्तराखंड : की समस्त जानकारी पेश है मण्डल कॉर्डिनेटर राजकुमार सिंह श्री न्यूज़ 24/अदिति न्यूज़ के प्लेटफार्म पर.......

कालीमठ मंदिर उत्तराखंड : की समस्त जानकारी पेश है मण्डल कॉर्डिनेटर राजकुमार सिंह श्री न्यूज़ 24/अदिति न्यूज़ के प्लेटफार्म पर.......


कालीमठ मंदिर उत्तराखंड के सबसे रहस्यमयी और शक्तिशाली शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। यह मंदिर रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ घाटी के पास स्थित है। यहाँ का वातावरण इतना शांत और गहरा आध्यात्मिक माना जाता है कि कई साधक इसे “उत्तर भारत का तांत्रिक शक्तिपीठ” भी कहते हैं।


विशेषता :


यहाँ माँ काली की कोई मूर्ति नहीं है।

पूजा एक पवित्र “श्री यंत्र” और कुंड की होती है जिसे हमेशा चाँदी की प्लेट से ढका जाता है। मान्यता है कि राक्षस रक्तबीज का वध करने के बाद माँ काली इसी स्थान पर धरती में समा गई थीं।


पौराणिक कथा :


कथा के अनुसार रक्तबीज नामक राक्षस को वरदान था कि उसकी हर रक्त की बूंद से नया राक्षस पैदा हो जाएगा। तब माँ काली ने उसका रक्त जमीन पर गिरने से पहले ही पी लिया और उसका अंत किया। युद्ध के बाद देवी ने अपना उग्र रूप शांत करने के लिए इसी स्थान को चुना। इसलिए यहाँ प्रतिमा नहीं बल्कि शक्ति स्वरूप की पूजा होती है।


मंदिर की मान्यता :


यह 108 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है।

केदारनाथ यात्रा से पहले कई लोग यहाँ दर्शन करते हैं।

मान्यता है कि सच्चे मन से माँ से प्रार्थना करने पर भय बाधा और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

नवरात्रि में यहाँ विशेष साधना और पूजा होती है। मण्डल कॉर्डिनेटर राजकुमार सिंह श्री न्यूज़ 24/अदिति न्यूज़ की खास जानकारी।

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