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अमेठी: गाटा संख्या 1810 की भूमि पर कब्जे के प्रयास का आरोप, पीड़ित ने 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज कराई शिकायत, झूठे मुकदमे और एससी/एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप

 अमेठी: गाटा संख्या 1810 की भूमि पर कब्जे के प्रयास का आरोप, पीड़ित ने 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज कराई शिकायत, झूठे मुकदमे और एससी/एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप



अमेठी की तहसील तिलोई अंतर्गत ग्राम सभा उढ़वा हेमराजपुर (पूरे सिक्का) में भूमि विवाद का मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है। गांव निवासी राशिद पुत्र दुखी ने आरोप लगाया है कि गाटा संख्या 1810 में दर्ज उनकी 13 बिस्वा पैतृक भूमि पर कुछ लोगों द्वारा जबरन कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच, भूमि की पैमाइश और न्याय की मांग की है।राशिद का कहना है कि संबंधित भूमि उनके परिवार की पुश्तैनी संपत्ति है, जो राजस्व अभिलेखों में उनके नाम दर्ज है। उनके अनुसार भूमि से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज, खतौनी एवं अन्य अभिलेख उनके पास उपलब्ध हैं। इसके बावजूद कुछ लोग कथित रूप से दबंगई के बल पर भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।पीड़ित के अनुसार, घटना वाले दिन विपक्षी पक्ष ट्रैक्टर लेकर खेत पर पहुंचा और भूमि की जुताई शुरू कर दी। स्थिति को देखते हुए उन्होंने तत्काल यूपी-112 पर सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। राशिद का दावा है कि उन्होंने पुलिस को अपने भूमि संबंधी दस्तावेज दिखाए, जबकि उनके अनुसार विपक्षी पक्ष मौके पर कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने मौके पर जुताई का कार्य रुकवा दिया और दोनों पक्षों को शांति बनाए रखने की हिदायत दी।राशिद ने आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष लगातार उनकी भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। उनका कहना है कि जब भी वह अपने अधिकार की बात करते हैं या प्रशासन से शिकायत करते हैं, तब उन्हें और उनके परिवार को विभिन्न प्रकार की धमकियां दी जाती हैं। पीड़ित का आरोप है कि उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने तथा एससी/एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई करवाने की धमकी भी दी जा रही है। इन कथित धमकियों के कारण उनका परिवार भय और तनाव के माहौल में जीवन यापन करने को मजबूर है।

पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर भूमि की पैमाइश कराए, राजस्व अभिलेखों का परीक्षण करे तथा वास्तविक स्थिति के आधार पर निष्पक्ष रिपोर्ट तैयार की जाए। साथ ही, यदि किसी द्वारा अवैध कब्जे का प्रयास किया गया है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए और उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए।

राशिद का कहना है कि स्थानीय स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई न होने के कारण उन्होंने 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई है। उन्हें उम्मीद है कि जिला प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र निष्पक्ष जांच कराएगा और उन्हें न्याय मिलेगा।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि भूमि विवाद के कारण क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से राजस्व अभिलेखों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर शीघ्र निस्तारण की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद या अप्रिय घटना न हो।नोट: इस समाचार में उल्लिखित सभी आरोप शिकायतकर्ता राशिद पुत्र दुखी द्वारा लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच, राजस्व विभाग की पैमाइश एवं सक्षम अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।


यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के साथ

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