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टीईटी से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की सेवा सुरक्षा का मुद्दा गरमाया, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने सांसद किशोरी लाल शर्मा को सौंपा ज्ञापन

 टीईटी से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की सेवा सुरक्षा का मुद्दा गरमाया, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने सांसद किशोरी लाल शर्मा को सौंपा ज्ञापन



 अमेठी टीईटी लागू होने से पहले नियुक्त हजारों शिक्षकों की सेवा सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर प्रमुखता से उठाया गया है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, अमेठी के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को अमेठी के सांसद किशोरी लाल शर्मा से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने तथा पूर्व नियुक्त शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की।महासंघ ने सांसद को बताया कि वर्ष 2010 तथा उत्तर प्रदेश में 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों का चयन तत्कालीन नियमों और विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत हुआ था। ऐसे में बाद में लागू किए गए टीईटी प्रावधानों को पूर्व प्रभाव से लागू करना न्यायोचित नहीं हैप्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इससे हजारों शिक्षक वर्षों की सेवा के बावजूद असमंजस और असुरक्षा की स्थिति का सामना कर रहे हैं।महासंघ ने ज्ञापन में मांग की कि पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त कर उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि वे बिना किसी भय के शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अपना योगदान देते रहें। प्रतिनिधियों ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं और उनके अधिकारों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।

सांसद किशोरी लाल शर्मा ने प्रतिनिधिमंडल की बात गंभीरता से सुनी और आश्वासन दिया कि शिक्षकों की मांगों को संबंधित स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनहित से जुड़े मुद्दों का समाधान संवैधानिक प्रक्रिया के तहत कराया जाएगा और शिक्षक हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी।इस अवसर पर अभय त्रिवेदी, पंकज शुक्ला, अमित पांडेय, सूर्य प्रकाश, अनूप सिंह, सुरेश शुक्ला, राजीव सिंह, जमाल, महेश, अरुण, वारिस, अभिषेक, अमित सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं महासंघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।


यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के साथ

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