अमेठी: पूरे निहाल सिंह (मजरा विराज) में भूमि विवाद को लेकर गर्भवती महिला से मारपीट का आरोप, पीड़ित ने पुलिस पर विपक्षियों के दबाव में काम करने का लगाया आरोप; न्याय की लगाई गुहार
अमेठी: पूरे निहाल सिंह (मजरा विराज) में भूमि विवाद को लेकर गर्भवती महिला से मारपीट का आरोप, पीड़ित ने पुलिस पर विपक्षियों के दबाव में काम करने का लगाया आरोप; न्याय की लगाई गुहार
अमेठी के मोहंगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पूरे निहाल सिंह, मजरा विराज में भूमि विवाद को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। गांव निवासी एक व्यक्ति ने कोतवाली प्रभारी को शिकायती प्रार्थना-पत्र देकर आरोप लगाया है कि उसकी पैतृक कृषि भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। विपक्षी पक्ष कथित रूप से जबरन भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है और विरोध करने पर उसके परिवार के साथ मारपीट, गाली-गलौज तथा जान से मारने की धमकी दी जा रही है।पीड़ित का कहना है कि उसने कई बार विवाद को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन विपक्षी पक्ष लगातार दबंगई दिखाते हुए उसे और उसके परिवार को प्रताड़ित कर रहा है। आरोप है कि हाल ही में विपक्षी पक्ष के लोगों ने एकजुट होकर उसके साथ मारपीट की और बीच-बचाव करने पहुंची उसकी पत्नी के साथ भी अभद्रता एवं मारपीट की। पीड़ित ने बताया कि उसकी पत्नी गर्भावस्था के आठवें महीने में है। ऐसे समय में उसके साथ हुई कथित मारपीट से परिवार बेहद डरा और सहमा हुआ है तथा गर्भवती महिला के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता बनी हुई है।प्रार्थना-पत्र में पीड़ित ने आरोप लगाया है कि घटना के दौरान आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए पूरे परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। उनका कहना था कि यदि जमीन के विवाद में विरोध किया गया तो परिवार को गांव में नहीं रहने दिया जाएगा। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी लगातार दबाव बनाकर विवादित भूमि पर कब्जा करना चाहते हैं।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि जिन लोगों पर मारपीट और धमकी देने का आरोप है, उनके विरुद्ध पहले से भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसके बावजूद वे बेखौफ होकर क्षेत्र में दबंगई कर रहे हैं। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों के प्रभाव के कारण कोई भी व्यक्ति उनके खिलाफ खुलकर बोलने की हिम्मत नहीं करता।
शिकायतकर्ता ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उसका आरोप है कि घटना की सूचना देने और कई बार शिकायत करने के बावजूद उसे न्याय नहीं मिला। पीड़ित का कहना है कि स्थानीय पुलिस विपक्षी पक्ष के दबाव में कार्य कर रही है, जिसके कारण उसकी शिकायत पर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उसने आशंका जताई कि यदि समय रहते आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो उसके परिवार के साथ कोई भी गंभीर अप्रिय घटना हो सकती है।पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई करने, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा विवादित भूमि पर जबरन कब्जे के प्रयास को रोकने की मांग की है। साथ ही उसने कहा है कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वह उच्च अधिकारियों और शासन स्तर तक अपनी शिकायत पहुंचाने के लिए मजबूर होगा।वहीं, इस संबंध में जब पत्रकार ने मोहंगंज थाना प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि मामले में प्रार्थना-पत्र प्राप्त हुआ है। शिकायत की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल, पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के साथ

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