थाना चंदापुर के सामने युवक को जान से मारने की धमकी देने का आरोप, पुलिस अधीक्षक से लगाई न्याय की गुहार
थाना चंदापुर के सामने युवक को जान से मारने की धमकी देने का आरोप, पुलिस अधीक्षक से लगाई न्याय की गुहार
रायबरेली। जनपद के थाना चंदापुर क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने कुछ लोगों पर थाना परिसर के सामने गाली-गलौज, धमकी और जान से मारने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक रायबरेली को प्रार्थना-पत्र सौंपकर आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने तथा अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम डोमापुर, थाना चंदापुर निवासी मोहन लाल पुत्र रामफेर ने पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि 21 जून 2026 को सुबह लगभग 11:20 बजे उन्हें फोन कर थाना चंदापुर के सामने बुलाया गया। पीड़ित का आरोप है कि जब वह करीब 11:30 बजे थाना चंदापुर के सामने पहुंचे, तब वहां पहले से कई लोग मौजूद थे।शिकायत के मुताबिक, मौके पर मौजूद लोगों में ग्राम जार्डी निवासी जीत बहादुर सिंह उर्फ बिल्ला सिंह, अमर बहादुर सिंह, ग्राम दोतारा निवासी भगवान सिंह तथा ग्राम अमहा मजरे दोतारा निवासी फोटे बहादुर सहित अन्य लोग शामिल थे। पीड़ित का आरोप है कि उनके पहुंचते ही आरोपियों ने उन्हें प्रार्थना-पत्र न देने की चेतावनी दी और कथित तौर पर कहा कि यदि उन्होंने शिकायत की, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
प्रार्थना-पत्र में आरोप लगाया गया है कि उक्त लोगों ने पीड़ित के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित का कहना है कि मामला एक विवादित भूमि से जुड़ा हुआ है और इसी को लेकर उन्हें लगातार दबाव बनाया जा रहा है।पीड़ित ने आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद लोगों ने उनसे कहा कि विवादित जमीन को छोड़ दें, अन्यथा उनकी हत्या कर दी जाएगी। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों का स्थानीय स्तर पर प्रभाव होने के कारण वह भयभीत होकर वहां से भाग निकले।
इतना ही नहीं, पीड़ित ने यह भी दावा किया है कि घटना के कुछ समय बाद उनके मोबाइल फोन पर एक नंबर से दोबारा धमकी दी गई। उनका कहना है कि फोन पर उन्हें कहा गया कि वह बच नहीं पाएंगे और उनकी हत्या कर दी जाएगी। पीड़ित ने दावा किया है कि धमकी भरी बातचीत की रिकॉर्डिंग उनके पास सुरक्षित है, जिसे जांच के दौरान साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।
पीड़ित का आरोप है कि उन्होंने घटना की सूचना तत्काल थाना चंदापुर पुलिस को दी, लेकिन समाचार लिखे जाने तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक रायबरेली से हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है।अपने प्रार्थना-पत्र में शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि आरोपी आपराधिक प्रवृत्ति के हैं और उन्हें तथा उनके परिवार को किसी भी समय नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, निष्पक्ष जांच कराने और सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।वहीं, इस मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने और पुलिस की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी।नोट: यह समाचार पीड़ित द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना-पत्र के आधार पर तैयार किया गया है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। पुलिस जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के साथ

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