एक माह से लापता 16 वर्षीय नाबालिग का नहीं लगा सुराग, परिजनों ने उठाए सवाल; बोले- हर पल सता रहा है अनहोनी का डर
एक माह से लापता 16 वर्षीय नाबालिग का नहीं लगा सुराग, परिजनों ने उठाए सवाल; बोले- हर पल सता रहा है अनहोनी का डर
अमेठी। थाना जगदीशपुर क्षेत्र के ग्राम पूरे द्वारिका शुक्ल, मजरा शेखपुर निवासी पूनम पत्नी रामेश्वर की 16 वर्षीय नाबालिग बेटी सोनी बीते 23 जून 2026 से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता है। परिजनों का कहना है कि घटना के दो दिन बाद, 25 जून 2026 को कोतवाली जगदीशपुर में मुकदमा दर्ज कराया गया था, लेकिन एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस अब तक नाबालिग का कोई ठोस सुराग नहीं लगा सकी है। इससे परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
परिजनों के अनुसार घटना वाले दिन पड़ोसी गांव के निवासी अमित उर्फ प्रधान का फोन आया था। उनका कहना है कि अमित ने सबसे पहले पूछा, "भाभी, कुछ हुआ क्या?" इसके बाद कहा, "आपकी लड़की कहीं चली गई है।" परिवार का दावा है कि उस समय तक उन्हें स्वयं यह जानकारी नहीं थी कि उनकी बेटी घर से गायब है। परिजनों का आरोप है कि अमित ने उन्हें यह भी कहा था कि "टेंशन मत लो, एक घंटे में लड़की आ जाएगी" और बाद में "सुबह 10 बजे तक लड़की घर पहुंच जाएगी।" परिवार का कहना है कि इन बातों के कारण उन्हें संदेह है कि अमित को घटना की पहले से कोई जानकारी हो सकती है। उन्होंने पुलिस से इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
परिवार का कहना है कि पिछले एक महीने से वे लगातार कोतवाली जगदीशपुर और संबंधित अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें जांच में किसी ठोस प्रगति की जानकारी नहीं दी गई है। उनका आरोप है कि यदि मामले की गंभीरता से समय रहते जांच की जाती तो संभव है कि अब तक बेटी का पता चल गया होता।हाल ही में राजस्थान में 13 वर्षीय बच्ची के साथ हुई जघन्य घटना का उल्लेख करते हुए परिजनों ने कहा कि ऐसी खबरों ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है। उनका कहना है कि उन्हें हर समय यह भय सताता रहता है कि कहीं उनकी नाबालिग बेटी भी किसी गंभीर अपराध की शिकार न हो गई हो। उन्होंने पुलिस से अपील की है कि उनकी इस आशंका को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच की जाए।परिजनों ने पुलिस अधीक्षक अमेठी सहित उच्च अधिकारियों से मांग की है कि मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की जाए, तकनीकी साक्ष्यों और संदिग्ध परिस्थितियों की गहन जांच कराई जाए तथा नाबालिग की शीघ्र सकुशल बरामदगी सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की है कि यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।परिवार की एक ही गुहार है कि उनकी 16 वर्षीय बेटी को जल्द से जल्द सकुशल खोजकर घर वापस लाया जाए, ताकि पिछले एक महीने से भय और अनिश्चितता में जी रहे परिवार को राहत मिल सके।
यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के साथ

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