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अमेठी: डीआईओएस के औचक निरीक्षण में आदर्श बाल विद्या मंदिर में मिलीं गंभीर अनियमितताएं, प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस

 अमेठी: डीआईओएस के औचक निरीक्षण में आदर्श बाल विद्या मंदिर में मिलीं गंभीर अनियमितताएं, प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस



सुनील चौरसिया डिप्टी मंडल 

ब्यूरो अयोध्या श्री न्यूज़ 24 



अमेठी। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) डॉ. राजेश कुमार द्विवेदी के 23 जुलाई को गुंगवाछ स्थित आदर्श बाल विद्या मंदिर/जूनियर हाईस्कूल के औचक निरीक्षण में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। निरीक्षण के बाद विद्यालय के प्रबंधक राजकुमार को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 27 जुलाई 2026 तक साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब न मिलने पर मान्यता एवं कोचिंग पंजीकरण निरस्त करने, एफआईआर दर्ज कराने, अर्थदंड लगाने तथा अन्य वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि विद्यालय में मान्यता से अधिक कक्षाओं का संचालन किया जा रहा था। प्रबंधक ने विद्यालय को केवल कक्षा-8 तक मान्यता प्राप्त होने की जानकारी दी, लेकिन परिसर में माध्यमिक स्तर की कक्षाएं भी संचालित होती मिलीं। साथ ही विद्यालय समय में ही कोचिंग कक्षाएं चलाए जाने की बात भी सामने आई।

जांच में यह भी पाया गया कि छात्र-छात्राओं को मानकविहीन और असुरक्षित कमरों में पढ़ाया जा रहा था। भीषण गर्मी और उमस के बावजूद कई कमरों के शटर बंद थे, जहां पर्याप्त रोशनी और वेंटिलेशन की व्यवस्था नहीं थी। डीआईओएस ने इसे विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ गंभीर लापरवाही माना।

निरीक्षण के समय अतिरिक्त कक्षाओं के संचालन से संबंधित आवश्यक मान्यता, पंजीकरण और अन्य अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जा सके। भवन सुरक्षा मानकों का पालन नहीं मिला तथा अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) भी उपलब्ध नहीं था। विद्यालय में पेयजल, शौचालय और छात्र-छात्राओं के लिए पर्याप्त फर्नीचर जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव पाया गया। इसके अलावा शिक्षकों के वेतन भुगतान से संबंधित अभिलेख भी निरीक्षण के दौरान उपलब्ध नहीं कराए गए।

डीआईओएस डॉ. राजेश कुमार द्विवेदी ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रबंधक को निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कमियों को दूर कर साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला या सुधार नहीं किए गए तो नियमानुसार मान्यता एवं कोचिंग पंजीकरण निरस्त करने, एफआईआर दर्ज कराने, अर्थदंड लगाने सहित अन्य कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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