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अमेठी: संक्रमणीय भूमिधर भूमि पर निर्माण के दौरान भूमाफियाओं द्वारा उत्पीड़न का आरोप, पीड़ित ने जिलाधिकारी से लगाई न्याय की गुहार

 अमेठी: संक्रमणीय भूमिधर भूमि पर निर्माण के दौरान भूमाफियाओं द्वारा उत्पीड़न का आरोप, पीड़ित ने जिलाधिकारी से लगाई न्याय की गुहार



 जनपद अमेठी की तहसील तिलोई क्षेत्र के ग्राम सभा सेमरौता, थाना शिवरतनगंज निवासी एक व्यक्ति ने अपनी पैतृक संक्रमणीय भूमिधर भूमि पर निर्माण कार्य के दौरान कथित रूप से भूमाफियाओं द्वारा लगातार उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि वह वर्ष 2022 से अपनी भूमि पर कब्जा दिलाने और न्याय की मांग को लेकर लगातार प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष गुहार लगा रहा है, लेकिन अब तक उसे न्याय नहीं मिल सका है।

पीड़ित के अनुसार उसकी संक्रमणीय भूमिधर भूमि गाटा संख्या 1265 पर स्थित है। आरोप है कि जब भी वह अपनी वैधानिक भूमि पर निर्माण कार्य कराने का प्रयास करता है, तभी कुछ कथित भूमाफिया उसे डराने-धमकाने, उत्पीड़ित करने तथा अवैध उगाही करने का प्रयास करते हैं। पीड़ित का कहना है कि भूमाफियाओं का उद्देश्य उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर उसकी भूमि पर कब्जा बनाए रखना है।

शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने इस पूरे मामले में कई बार तहसील प्रशासन, उपजिलाधिकारी एवं सम्पूर्ण समाधान दिवस में लिखित प्रार्थना-पत्र देकर न्याय की मांग की, लेकिन आरोप है कि उसके कई प्रार्थना-पत्र तहसील प्रशासन से ही गायब कर दिए गए। पीड़ित का कहना है कि 7 फरवरी 2026 को सम्पूर्ण समाधान दिवस में दिया गया प्रार्थना-पत्र भी अभिलेखों से गायब हो गया। उसके अनुसार इससे पहले भी कई शिकायतें रहस्यमय ढंग से रिकॉर्ड से गायब हो चुकी हैं, जिसके कारण उसे लगातार न्याय से वंचित होना पड़ रहा है।पीड़ित का कहना है कि उसने एक बार फिर सम्पूर्ण समाधान दिवस में उपस्थित होकर जिलाधिकारी अमेठी को लिखित प्रार्थना-पत्र सौंपा। शिकायतकर्ता के अनुसार जिलाधिकारी ने उसकी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रार्थी की खाली पड़ी भूमि उसे विधिक रूप से उपलब्ध कराई जाए तथा मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।पीड़ित ने बताया कि उसकी पैतृक भूमि इन्हौना-महाराजगंज मार्ग स्थित रामगंज चौराहे के पास स्थित है। आरोप है कि इसी भूमि को लेकर गांव के कुछ दबंग भूमाफिया लगातार विवाद उत्पन्न कर रहे हैं और उसे निर्माण कार्य नहीं करने दे रहे हैं। कई बार उसके साथ अभद्रता और उत्पीड़न की घटनाएं भी हुई हैं, जिसके संबंध में वह लगातार अधिकारियों को अवगत कराता रहा है।शिकायतकर्ता का कहना है कि वह वर्ष 2022 से लगातार मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी, तहसील प्रशासन तथा अन्य सक्षम अधिकारियों को प्रार्थना-पत्र देकर न्याय की मांग कर रहा है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल सका। उसने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उसकी भूमि पर कब्जा दिलाया जाए, भूमाफियाओं के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उसके साथ हो रहे कथित उत्पीड़न और शिकायत-पत्रों के गायब होने की भी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।

हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से मामले में विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया आना शेष है।


यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के साथ

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